टीडीएस (TDS) क्या है? – हिंदी में जानकारी
TDS का पूरा नाम Tax Deducted at Source (स्रोत पर कर कटौती) है। इसका मतलब है कि जब किसी व्यक्ति को भुगतान किया जाता है, उसी समय आयकर का एक निश्चित हिस्सा काट लिया जाता है और सरकार के पास जमा कर दिया जाता है।
TDS क्यों काटा जाता है?
- टैक्स की वसूली समय पर हो सके
- टैक्स चोरी को रोका जा सके
- सरकार को नियमित राजस्व मिलता रहे
TDS किन भुगतानों पर लगता है?
- वेतन (Salary)
- बैंक ब्याज
- किराया (Rent)
- कमीशन
- प्रोफेशनल/कंसल्टेंसी फीस
- ठेकेदार को भुगतान (Contractor Payment)
TDS कौन काटता है?
- नियोक्ता, बैंक, कंपनी या कोई भी भुगतान करने वाला व्यक्ति/संस्था TDS काटकर आयकर विभाग में जमा करता है।
TDS सर्टिफिकेट
- Form 16 – सैलरी पर काटे गए TDS के लिए
- Form 16A – अन्य भुगतानों पर काटे गए TDS के लिए
TDS रिफंड
- यदि आपकी कुल टैक्स देनदारी TDS से कम है, तो आयकर रिटर्न भरने पर TDS रिफंड मिल सकता है।
निष्कर्ष:
TDS टैक्स वसूली की एक प्रभावी प्रणाली है, जिससे करदाता और सरकार दोनों को सुविधा होती है और टैक्स भुगतान में पारदर्शिता बनी रहती है।
